Monday, 10 December 2018

जिले का संक्षिप्त इतिहास

जनपद चम्पावत की स्थापना वर्ष 1997 में पिथौरागढ़ से अलग करने पर हुयी थी। इस जनपद मंे चार विकासखण्ड चम्पावत, लोहाघाट, पाटी व बाराकोट है। जनपद में कुल 25 न्यायपंचायतो के अन्तर्गत कुल 691 राजस्व ग्राम सम्मिलित है, जिसमें उद्यान विभाग की विभिन्न योजनायें संचालित की जा रही है। वर्र्ष 2011 की जनगणना के अनुसार जनपद की कुल जनसंख्या 263077 है,जिसमें 128422 पुरुष एवं 134655 महिलाये सम्मिलित है। जनपद की भौगोलिक स्थिति के अनुसार यहां की जलवायु, औद्यानिक फसलों जैसे फल, बैमौसमी सब्जी, आलू, अदरख एवं हल्दी उत्पादन के विशेष उपयुक्त है। जनपद का अधिकांश भू-भाग पर्वतीय क्षेत्र है। पूर्णागिरी तहसील के अन्तर्गत टनकपुर व बनबसा क्षेत्र तराई भावर क्षेत्र है,जहां सिंचाई की पर्याप्त सुविधा होने के कारण सब्जी उत्पादन के कृषिकरण की व्यापक संभावनायें है। जनपद का औसत उच्चतम तापमान 32.2 डिग्री सेंटीग्रेड एंव न्यूनतम तापमान 17 डिग्री संेटीगे्रड तथा औसत वार्षिक वर्शा 1315.1 मिमी0 है। आलू एंव अदरख उत्पादन में जनपद का प्रमुख स्थान है। इसके अतिरिक्त फलोत्पादन में शीत कालीन के अतिरिक्त संतरा, माल्टा, कागजी नीबू,आम व लीची का उत्पादन भी यहां पर काफी अच्छा होता है,तथा बैमौसमी सब्जियों में टमाटर, मटर, शिमला मिर्च, बंदगोभी, फूलगोभी, फ्रासबीन आदि सब्जी फसले भी कृषको द्वारा मुख्य रूप से उगायी जाती है। जनपद में घाटी वाले क्षेत्रों में मधुमक्खी पालन का कार्य सुचारू रूप से किया जा रहा है। मई, 2001 में जनपद में जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय स्थापित होने के फलस्वरूप औद्यानिक क्रियाकलापों में आशातीत वृद्धि हुई है।

champawat tehsil map

पता

निदेशालय उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण, उत्तराखण्ड,

उद्यान भवन, चैबटिया-रानीखेत, अल्मोड़ा उत्तराखण्ड

दूरभाश- 05966-220260 / 222792

हमारा स्थान

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